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*HTET 2019 : सुहागिनों के साथ अब शिक्षा बोर्ड ने भी समझी मंगलसूत्र की अहमियत*
फतेहाबाद:मंगलसूत्र की अहमियत विवाहित महिलाओं से ज्यादा कोई नहीं समझ सकता, यही कारण है कि मंगलसूत्र की रक्षा के लिए वो कुछ भी कर गुजरती है। मगर अब हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने भी मंगलसूत्र की अहमियत समझी है। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से 5 और 6 जनवरी को होने वाली हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा में मानकों में फेरबदल किया गया है।
इस बार विवाहिताओं को राहत दी गई है। परीक्षा केंद्र पर चेकिंग के दौरान मंगलसूत्र और बिंदी नहीं उतरवाई जाएगी। सिंदूर लगाकर भी महिलाएं परीक्षा देने के लिए जा सकेंगी। जिला शिक्षा अधिकारी दयानंद सिहाग ने बताया कि महिला परीक्षार्थी परीक्षा केंद्र में मंगलसूत्र डालकर, बिंदी और सिंदूर लगाकर जा सकेंगी। मगर इस छूट के साथ ही ये सवाल भी उठ खड़ा हुआ है। मंगलसूत्र की छूट दी गई है तो नोज पिन, यानि कोका या तिल्ल्ाी को लेकर नियम ज्यों का त्यों रखा गया है। महिला परिक्षार्थी इसे लेकर भी छूट चाह रही हैं।
महिलाओं को भी परीक्षा के दौरान इस बार दाहिने की जगह बाएं हाथ का अंगूठा लगाना होगा। पहले सिर्फ पुरुष परीक्षार्थियों को बाएं का अंगूठा लगाना होता था। हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (एचटेट) के लिए प्रदेश के सभी 22 जिलों व तीन उपमंडल मुख्यालयों पर परीक्षा केंद्र बनाए हैं। दूसरे राज्यों के उम्मीदवारों की सुविधा के लिए बहादुरगढ़, महेन्द्रगढ़ व हांसी उपमंडलों पर परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। 2019 के ऐडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। इन ऐडमिट कार्ड को आप बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन ऑफ हरियाणा की ऑफिशल वेबसाइट www.bseh.org.in से डाउनलोड कर सकते हैं।
अलवर में सामने आया था मंगलसूत्र से जुड़ा मामला
अलवर में एक प्रतियोगी परीक्षा में मामला भ्ाी सामने आया था, जब एक महिला ने मंगलसूत्र काे सुहाग की निशानी बताते हुए उतारने से मना कर दिया था। ऐसे में महिला बिना परीक्षा दिए ही वापस लौट गई थी। इस समाचार को बहुत सी जगह वायरल करते हुए लाेगों ने अपनी आक्रोश्ाित प्रतिक्रियाएं भी दी थी।
लेकर जाना होगा रंगीन प्रवेशपत्र
परीक्षा केंद्र पर एचटेट परीक्षार्थियों को रंगीन प्रवेशपत्र लेकर जाना होगा। पहले परीक्षार्थियों को साधारण प्रवेशपत्र लेकर जाना होता था और उसे सत्यापित कराना होता था।
परीक्षा केंद्र पर होंगे दो डिप्टी सुपरिटेंडेंट
परीक्षा केंद्र पर जांच के लिए पहले एक डिप्टी सुपरिटेंडेंट होता था, लेकिन अब 150 परीक्षार्थियों पर दो डिप्टी सुपरिटेंडेंट होंगे। इसमें एक महिला और एक पुरुष होगा। इसके अलावा चार परीक्षा केंद्रों पर एक उडऩदस्ता होगा। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर उपायुक्त का एक प्रतिनिधि, डीईओ का एक प्रतिनिधि और एक बोर्ड का प्रतिनिधि रहेगा।
धुंध में मिलेगी प्रवेश को लेकर राहत
विद्यालय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. जगबीर सिंह एवं सचिव कैप्टन मनोज कुमार ने जानकारी दी कि 6 जनवरी को प्रथम सत्र की परीक्षा में सुबह 7 बजकर 50 मिनट से प्रवेश शुरू हो जाएगा। सुबह 9 बजे के बाद उम्मीदवारों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। हालांकि मौसम खराब होने (धुंध की स्थिति में) जिला प्रशासन को छूट रहेगी कि वह दस बजे तक प्रवेश करा सकेगा। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि परीक्षा केंद्र घरेलू जिलों में होकर 50 से 100 किलोमीटर दूर ही दिए जाएंगे।
इतने उम्मीदवार देंगे परीक्षा
लेवल छात्र संख्या परीक्षा केंद्र
लेवल-1 1,30,285 422
लेवल-2 1,42,605 464
लेवल-3 1,03445 338
कुल 3,76,335 1224
1 मार्च तक घोषित होगा रिजल्ट
शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन जगबीर सिंह ने बताया कि इस बार भी 60 दिन की अवधि में परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। 1 मार्च तक परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।
बोर्ड के 23 कर्मचारियों को नहीं मिला एचटेट करने का मौका
बोर्ड के 23 कर्मचारियों ने भी एचटेट के लिए आवेदन किया था, लेकिन बोर्ड ने अपने नियम का हवाला देते हुए अनुमति नहीं दी।
प्रश्न पत्र होंगे संदूक में बंद, लगेंगे दो ताले
चेयरमैन ने स्पष्ट किया कि पात्रता परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक होने से रोकने के लिए संदूकों में भेजे जाएंगे। इन पर दो ताले लगे होंगे। एक चाबी संबंधित उपायुक्त व एक की चाबी शिक्षा बोर्ड के प्रतिनिधि के पास होगी।
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